बरेका में राष्ट्रीय संरक्षा सप्ताह के अंतर्गत संरक्षा संगोष्ठी का आयोजन

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वाराणसी :-  बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) में 55वें राष्ट्रीय संरक्षा सप्ताह के अवसर पर दिनांक 10 मार्च 2026 को प्राविधिक प्रशिक्षण केंद्र में एक प्रभावी संरक्षा संगोष्ठी एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य कर्मचारियों में कार्यस्थल पर संरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा सुरक्षित और अनुशासित कार्य-संस्कृति को सुदृढ़ करना था।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बरेका के महाप्रबंधक श्री आशुतोष पंत का स्वागत पुष्पगुच्छ एवं बैज लगाकर किया गया। इसके उपरांत महाप्रबंधक द्वारा दीप प्रज्वलित कर संरक्षा संगोष्ठी एवं जागरूकता कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।

इस अवसर पर मुख्य संरक्षा अधिकारी श्री राम जन्म चौबे ने परिचय संवाद के साथ राष्ट्रीय संरक्षा सप्ताह की पृष्ठभूमि, उद्देश्य तथा औद्योगिक संस्थानों में संरक्षा संस्कृति के महत्व पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। कार्यक्रम में कर्मचारियों को जागरूक करने के लिए नुक्कड़ नाटक का भी आयोजन किया गया, जिसमें कार्यस्थल पर छोटी-छोटी लापरवाहियों से होने वाली दुर्घटनाओं तथा उनसे बचाव के उपायों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया।

संगोष्ठी में प्रमुख मुख्य विद्युत इंजीनियर श्री एस.के. श्रीवास्तव एवं प्रमुख मुख्य यांत्रिक इंजीनियर श्री विवेकशील ने अपने संरक्षा संदेश में कहा कि किसी भी उत्पादन इकाई की सफलता का आधार सुरक्षित कार्य वातावरण होता है। उन्होंने सभी कर्मचारियों से संरक्षा मानकों, प्रक्रियाओं एवं सावधानियों का पालन करने का आह्वान किया।

अपने प्रेरक संबोधन में महाप्रबंधक श्री आशुतोष पंत ने कहा कि “संरक्षा केवल नियमों का पालन भर नहीं है, बल्कि यह हमारी कार्य-संस्कृति का अभिन्न हिस्सा होना चाहिए। जब प्रत्येक कर्मचारी स्वयं को और अपने सहकर्मियों को सुरक्षित रखने के प्रति सजग रहेगा, तभी दुर्घटना-मुक्त कार्यस्थल का लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है।”

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उन्होंने आगे कहा कि बरेका जैसी उच्च तकनीकी उत्पादन इकाई में प्रत्येक कार्य अत्यंत जिम्मेदारी और सावधानी के साथ किया जाना आवश्यक है। महाप्रबंधक ने इस बात पर विशेष बल दिया कि छोटी-छोटी लापरवाहियां भी बड़ी दुर्घटनाओं का कारण बन सकती हैं, इसलिए प्रत्येक कर्मचारी को सतर्कता, अनुशासन और जिम्मेदारी के साथ कार्य करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि संरक्षा और स्वच्छता एक-दूसरे के पूरक हैं, स्वच्छ और सुव्यवस्थित कार्यस्थल दुर्घटनाओं की संभावना को कम करता है तथा कार्य दक्षता को बढ़ाता है। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने कई व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से संरक्षा के महत्व को रेखांकित किया।

कार्यक्रम के अंत में महाप्रबंधक द्वारा उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को संरक्षा शपथ दिलाई गई तथा सभी से सुरक्षित कार्य वातावरण बनाए रखने का संकल्प लेने का आह्वान किया गया।

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