वाराणसी, 28 अक्टूबर 2025 – पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट वाराणसी, श्री मोहित अग्रवाल की अध्यक्षता में साइबर क्राइम सेल की समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में साइबर अपराध से संबंधित शिकायतों के निस्तारण की स्थिति, ऑनलाइन पोर्टलों पर अपडेट, तकनीकी उपकरणों के उपयोग और साइबर अपराधियों के विरुद्ध त्वरित कार्रवाई पर विस्तृत चर्चा की गई।पुलिस आयुक्त ने कहा कि “साइबर अपराध आज के समय की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है। सभी अधिकारी समयबद्ध, तकनीकी एवं समन्वित तरीके से कार्य करें ताकि साइबर अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।”कार्यवाही के प्रमुख बिंदु654 मोबाइल नंबर ब्लॉक कराए गए।335 IMEI नंबर निष्क्रिय किए गए।06 फर्जी कॉल सेंटर संचालित कर ठगी करने वाले 84 अभियुक्त गिरफ्तार किए गए।03 साइबर गैंगों पर गैंगस्टर एक्ट की कार्यवाही की गई।साइबर थाना एवं साइबर क्राइम सेल द्वारा कुल ₹2,15,46,638 की धनराशि पीड़ितों को वापस कराई गई।03 माह में 291 साइबर जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से 38,524 लोगों को जागरूक किया गया।प्रमुख दिशा-निर्देशNCRP पोर्टल समीक्षा: सभी शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, लंबित मामलों पर थानावार उत्तरदायित्व तय किया जाए।JIMS पोर्टल फीडिंग: प्रत्येक गिरफ्तारी के बाद पोर्टल पर अद्यतन प्रविष्टि अनिवार्य रूप से की जाए।‘प्रतिबिम्ब’ पोर्टल उपयोग: अपराध के पैटर्न और प्रवृत्तियों का विश्लेषण कर इंटेलिजेंस-आधारित कार्रवाई की जाए।संदिग्ध IMEI/मोबाइल ब्लॉकिंग: संदिग्ध नंबरों का तत्काल ब्लॉक सुनिश्चित किया जाए, समर्पित तकनीकी टीम गठित की जाए।PoS वेरिफिकेशन: फर्जी पॉइंट ऑफ सेल गतिविधियों पर तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाए।म्यूल अकाउंट वेरिफिकेशन: संदिग्ध बैंक खातों की पहचान कर संबंधित व्यक्तियों पर कठोर कार्रवाई की जाए।अन्य निर्देश: डिजिटल साक्ष्यों का संरक्षण, अधिकारियों का तकनीकी प्रशिक्षण और जन-जागरूकता अभियान पर बल दिया गया।इस बैठक के माध्यम से साइबर अपराध की रोकथाम एवं पीड़ितों को राहत पहुंचाने के लिए समन्वित और तकनीक-आधारित रणनीति को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया।








